
नमस्कार दोस्तों,
हम आपको समय-समय पर कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स की जानकारी देते रहते हैं। आज हम वर्ष 2025–26 के तृतीय अग्रिम अनुमान (Third Advance Estimates) के आधार पर देश के प्रमुख फसलों के उत्पादन की जानकारी दे रहे हैं।
इस वर्ष भारत ने धान (चावल) के उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनाया है और उत्पादन के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ दिया है।
तृतीय अग्रिम अनुमान क्या होता है?
भारत सरकार फसल उत्पादन के आंकड़े एक बार में जारी नहीं करती, बल्कि इन्हें तीन चरणों में जारी किया जाता है।
- प्रथम अग्रिम अनुमान (सितंबर–अक्टूबर): खरीफ फसलों के शुरुआती अनुमान जारी किए जाते हैं।
- द्वितीय अग्रिम अनुमान (जनवरी–फरवरी): उपलब्ध फसल आंकड़ों के आधार पर संशोधित अनुमान जारी किए जाते हैं।
- तृतीय अग्रिम अनुमान (जून): यह सबसे सटीक अनुमान माना जाता है क्योंकि तब तक लगभग सभी प्रमुख फसलों की कटाई पूरी हो चुकी होती है।
रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025–26 के लिए प्रमुख फसलों का तृतीय अग्रिम अनुमान जारी किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र के विकास के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव रिकॉर्ड कृषि उत्पादन के रूप में दिखाई दे रहा है।
तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 376.563 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2024–25 में यह 357.732 मिलियन टन था। अर्थात इस वर्ष लगभग 18.831 मिलियन टन (करीब 5.3%) की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह भारत के इतिहास का अब तक का सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन है।
प्रमुख फसलों का अनुमानित उत्पादन (2025–26)
- धान (चावल): 154.024 मिलियन टन
- गेहूं: 120.657 मिलियन टन
- मक्का: 55.093 मिलियन टन
- श्री अन्न (मोटे अनाज): 17.584 मिलियन टन
- अरहर: 3.592 मिलियन टन
- चना: 12.514 मिलियन टन
- मसूर: 1.762 मिलियन टन
- कुल तिलहन: 43.059 मिलियन टन
- मूंगफली: 13.074 मिलियन टन
- सोयाबीन: 12.596 मिलियन टन
- राय एवं सरसों: 13.768 मिलियन टन
- गन्ना: 500.063 मिलियन टन
- कपास: 29.024 मिलियन गांठ (प्रत्येक गांठ का वजन 170 किलोग्राम)
- जूट एवं मेस्ता: 9.176 मिलियन गांठ (प्रत्येक गांठ का वजन 180 किलोग्राम)
पिछले वर्ष की तुलना
- धान: 2024–25 में 150.184 मिलियन टन था, जो इस वर्ष बढ़कर 154.024 मिलियन टन हो गया। यानी 3.840 मिलियन टन की वृद्धि।
- गेहूं: पिछले वर्ष 117.945 मिलियन टन (यदि आधिकारिक आंकड़ा यही है) की तुलना में इस वर्ष 120.657 मिलियन टन, अर्थात लगभग 2.7 मिलियन टन अधिक।
- मक्का: उत्पादन में लगभग 11.684 मिलियन टन की वृद्धि दर्ज की गई।
- कुल मोटा अनाज (श्री अन्न): 74.472 मिलियन टन अनुमानित।
- मूंगफली: पिछले वर्ष 11.942 मिलियन टन की तुलना में इस वर्ष 13.074 मिलियन टन, यानी 1.132 मिलियन टन अधिक।
- राय एवं सरसों: पिछले वर्ष 12.667 मिलियन टन की तुलना में इस वर्ष 13.768 मिलियन टन, यानी 1.101 मिलियन टन की वृद्धि।
- गन्ना: पिछले वर्ष 454.611 मिलियन टन की तुलना में इस वर्ष 500.063 मिलियन टन, अर्थात 45.452 मिलियन टन अधिक।
नई फसल किस्में भी जारी
वर्ष 2025–26 के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (ICAR) द्वारा देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए 339 नई फसल किस्में जारी की गईं। इनमें अनाज, दलहन, तिलहन, व्यावसायिक फसलें तथा चारा फसलें शामिल हैं।
इसके अलावा वर्ष 2024 के दौरान ब्रीडर बीज (Breeder Seed) का उत्पादन 109,370.2 क्विंटल तथा फाउंडेशन/गुणवत्ता बीज का उत्पादन 433,114.7 क्विंटल रहा।
निष्कर्ष
वर्ष 2025–26 भारतीय कृषि के लिए ऐतिहासिक रहा है। रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन, धान एवं गेहूं में उल्लेखनीय वृद्धि, तिलहन और व्यावसायिक फसलों के बेहतर उत्पादन तथा नई उन्नत किस्मों के विकास से यह स्पष्ट है कि भारतीय कृषि लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है।
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