
जब हम चर्चा करते हैं कृषि विज्ञान की, तो कृषि विज्ञान में कई ऐसे वैज्ञानिक हुए हैं जिन्होंने देश में नई तकनीक, नया विकास और नए इतिहास को रचा है। क्योंकि यशवंत जी, जो पंतनगर से अपना काम कर चुके हैं, उन्होंने खैर डिजीज का पता लगाया था। वहीं डॉक्टर मांगीलाल जाट अभी भारत में कृषि अनुसंधान के महासचिव के पद पर हैं।
कृषि के क्षेत्र में भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर नई-नई योजनाएं लाती हैं। आज हम आपको एक ऐसे फूल के बारे में जानकारी बताने वाले हैं, जो सदाबहार होता है, यानी इसमें हमेशा फूल खिले हुए रहते हैं।
साथियों, अक्सर आपने अपने-अपने घरों के आसपास सफेद रंग का फूल और हल्के लाल या गुलाबी रंग का फूल देखा होगा।
यह सदाबहार (Catharanthus roseus / Periwinkle) का फूल है।
विशेषताएं: यह पौधा पूरे साल खिलता है और इसे बहुत कम रखरखाव की आवश्यकता होती है। इसके फूलों और पौधे में पाए जाने वाले रासायनिक यौगिकों का पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा में भी महत्व है।
वैज्ञानिक नाम: Catharanthus roseus
अन्य नाम: सदाफूली, नयनतारा
साथियों, इस फूल और इसकी पत्तियों में कैंसर से लड़ने वाली दवाओं के निर्माण में काम आने वाले दो महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनका नाम है—
1. विनक्रिस्टिन (Vincristine)
विनक्रिस्टिन मुख्य रूप से ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) और लिम्फोमा के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को बनाने में काम आता है।
2. विनब्लास्टिन (Vinblastine)
विनब्लास्टिन का उपयोग हॉजकिन लिंफोमा (Hodgkin’s lymphoma) और कुछ अन्य कैंसर, जैसे स्तन कैंसर, के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी दवाओं में किया जाता है।
साथियों, देखने में सामान्य सा लगने वाला यह सदाबहार का फूल वैज्ञानिक और चिकित्सा के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण है।.
निष्कर्ष
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भारत सरकार के द्वारा समय-समय पर कई स्कीम और योजनाएं चलाई जाती हैं। इन योजनाओं के बारे में हम आपको पूरी जानकारी बताते हैं।

