• September 29, 2026 6:03 am

    मिथुन की निगरानी में AI तकनीक का इस्तेमाल: नागालैंड में विकसित हुआ रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम

    भारत में पशुपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी दिशा में ICAR-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केंद्र (ICAR-NRC on Mithun), नागालैंड के शोधकर्ताओं ने मिथुन के व्यवहार की निगरानी के लिए AI आधारित, रियल-टाइम और गैर-संपर्क (Non-Contact) प्रणाली विकसित की है।

    यह तकनीक प्राकृतिक फार्म वातावरण में मिथुन के व्यवहार को लगातार रिकॉर्ड और ट्रैक करने में मदद करती है। इसका उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य, कल्याण, प्रजनन तथा रिप्रोडक्टिव मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए व्यवहार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना है।

    मिथुन क्या है?

    मिथुन का वैज्ञानिक नाम Bos frontalis है। इसे आम तौर पर “Cattle of the Hills” यानी “पहाड़ियों का मवेशी” कहा जाता है। पूर्वोत्तर भारत की जनजातीय समुदायों के लिए मिथुन का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है।

    मिथुन के व्यवहार में होने वाले बदलावों से उसके स्वास्थ्य, आराम, पोषण और शारीरिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण संकेत प्राप्त किए जा सकते हैं।

    AI सिस्टम कैसे काम करता है?

    इस प्रणाली के लिए ICAR-NRC on Mithun के फार्म में 12 हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए गए। ये कैमरे दो शेड में लगाए गए थे और 24×7 निगरानी में सहायता करते हैं। इसमें रात के समय निगरानी के लिए इन्फ्रारेड तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया।

    शोधकर्ताओं ने मिथुन की गतिविधियों से संबंधित लगभग 3,000 मैन्युअली एनोटेटेड इमेज का डेटासेट तैयार किया, जिसका उपयोग AI मॉडल को प्रशिक्षित करने में किया गया।

    इस्तेमाल की गई प्रमुख AI तकनीक

    इस सिस्टम में अलग-अलग तकनीकों का उपयोग किया गया है—

    • YOLOv8n – मिथुन के व्यवहार की पहचान और डिटेक्शन के लिए।
    • DeepSORT – अलग-अलग पशुओं की पहचान और उनकी व्यक्तिगत ट्रैकिंग के लिए।
    • CCTV + Infrared – दिन और रात लगातार निगरानी के लिए।

    इन तकनीकों की मदद से सिस्टम कैमरे से प्राप्त वीडियो में पशुओं की गतिविधियों को पहचानकर उनका व्यवहार ट्रैक कर सकता है।

    मॉडल का प्रदर्शन

    प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, AI मॉडल ने Mean Average Precision (mAP@0.5) 99.5% और Recall 99.6% दर्ज किया। सिस्टम ने NVIDIA RTX 3060 GPU पर लगभग 31 FPS (Frames Per Second) की प्रोसेसिंग स्पीड दिखाई।

    इससे पता चलता है कि AI आधारित कंप्यूटर विजन तकनीक का इस्तेमाल पशु व्यवहार की लगातार निगरानी के लिए किया जा सकता है।

    पशु स्वास्थ्य और प्रजनन में उपयोग

    मिथुन के व्यवहार में होने वाले बदलाव कई महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, भोजन करना, खड़े रहना और लेटना जैसे व्यवहारों में परिवर्तन पशु के स्वास्थ्य, आराम, पोषण और शारीरिक स्थिति से संबंधित जानकारी दे सकते हैं।

    इसी तरह Mounting Behaviour यानी पशु के चढ़ने संबंधी व्यवहार की निगरानी प्रजनन और Oestrus Management में उपयोगी हो सकती है।

    लगातार स्वचालित निगरानी से विशेष रूप से रात के समय होने वाले व्यवहार को रिकॉर्ड करना आसान हो सकता है और केवल मैन्युअल निरीक्षण पर निर्भरता कम की जा सकती है।

    कृषि और पशुपालन में AI का बढ़ता महत्व

    मिथुन की निगरानी के लिए विकसित यह प्रणाली यह दिखाती है कि Artificial Intelligence, Computer Vision और कैमरा आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग केवल फसलों तक सीमित नहीं है। इन तकनीकों का इस्तेमाल पशुपालन में भी किया जा सकता है।

    भविष्य में ऐसी तकनीकें पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी, व्यवहार विश्लेषण, प्रजनन प्रबंधन और फार्म प्रबंधन को अधिक डेटा-आधारित बनाने में उपयोगी हो सकती हैं।

    निष्कर्ष

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    ICAR-NRC on Mithun, नागालैंड में विकसित AI आधारित प्रणाली पशु व्यवहार की रियल-टाइम, गैर-संपर्क और निरंतर निगरानी की दिशा में एक तकनीकी पहल है। मिथुन जैसे महत्वपूर्ण पशुधन के प्रबंधन में ऐसी तकनीकों का उपयोग शोध और आधुनिक पशुपालन के लिए उपयोगी आधार प्रदान कर सकता है।

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