
ब्रिटिश शासन काल के दौरान भारत में विदेशी मुद्रा बहुत ही सीमित मात्रा में होती थी। इसी के चलते भारत सरकार द्वारा देश में विदेशी मुद्रा के प्रबंधन एवं नियंत्रण के लिए वर्ष 1973 में विदेशी विनिमय विनियमन अधिनियम (FERA) पारित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा को सुरक्षित रखना था।
लेकिन यह कानून देश के विकास में बाधक बन गया। इस कारण वर्ष 1993–94 के बजट में सरकार ने वर्ष 1973 के स्थान पर नया विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून लाने का निर्णय लिया।
इसके बाद 1999 में संसद के दोनों सदनों द्वारा FEMA (Foreign Exchange Management Act) पारित किया गया, जो 1 जून 2000 से लागू हुआ और FERA को समाप्त कर दिया गया।
FERA के मुख्य कार्य
- विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर नियंत्रण रखना।
- देश में विदेशी मुद्रा के प्रवाह पर निगरानी रखना।
- विदेशी मुद्रा की आवक और निकासी पर नियंत्रण रखना।
FEMA क्यों लाया गया?
FEMA का मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा से संबंधित सभी कानूनों को संशोधित और सरल बनाना था। इसके अनुसार देश में विदेशी भुगतान और लेन-देन को नियंत्रित करने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा के माध्यम से व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था।
निष्कर्ष
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