नारियल की कहानी

नारियल उत्पादन में भारत की स्थिति
बात आती है नारियल की, तो आपको पता चलता है कि भारत में नारियल का सबसे अधिक उत्पादन केरल में होता है। केरल राज्य सरकार और भारत सरकार मिलकर नारियल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
नारियल विकास बोर्ड की स्थापना
नारियल के विकास और उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नारियल विकास बोर्ड (Coconut Development Board) की स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी। इसके माध्यम से नारियल की खेती, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्य किए जाते हैं।
नारियल उत्पादन में भारत नंबर वन
आज भारत नारियल उत्पादन के मामले में विश्व में पहले स्थान पर है। भारत से नारियल और इससे बने विभिन्न उत्पादों का निर्यात दुनिया के कई देशों में किया जाता है। विश्व के कुल नारियल उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 31.24 प्रतिशत बताई जाती है।
करोड़ों लोगों को मिलता है रोजगार
नारियल का क्षेत्र केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का साधन भी है। नारियल क्षेत्र से लगभग 3 करोड़ लोगों को आजीविका मिलने की बात कही जाती है, जिसमें करीब 1 करोड़ किसान शामिल हैं।
नारियल का निर्यात लगातार बढ़ रहा है
वर्ष 2025-26 में भारत से नारियल और नारियल उत्पादों का कुल निर्यात लगभग 7,038 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 62 प्रतिशत अधिक बताया गया है। इससे पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय नारियल और इसके उत्पादों की मांग बढ़ रही है।
नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की पहल
नारियल विकास बोर्ड के माध्यम से भारत सरकार और राज्य सरकारें मिलकर नारियल की खेती और उत्पादन को बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। किसानों को बेहतर पौध सामग्री उपलब्ध कराने, नई खेती को बढ़ावा देने और पुराने बागानों के पुनर्विकास जैसे कार्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
2025-26 में नारियल क्षेत्र में प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2025-26 में नारियल क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इस दौरान:
- 2,175 हेक्टेयर क्षेत्र में नई नारियल खेती की गई।
- 1,672 हेक्टेयर क्षेत्र को फिर से विकसित किया गया।
- लगभग 2,40,000 गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए गए।
इन प्रयासों का उद्देश्य नारियल की खेती का क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की उत्पादकता और आय में सुधार करना है।
नारियल संवर्धन योजना पर जोर
केंद्रीय बजट 2025-26 में नारियल संवर्धन योजना के माध्यम से नारियल के उत्पादन को बढ़ाने और इस क्षेत्र को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र बनाने पर जोर दिया गया है।
सरकार का प्रयास है कि नारियल की खेती के साथ-साथ इससे जुड़े प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और निर्यात को भी बढ़ावा मिले, जिससे किसानों और इससे जुड़े लोगों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।
निष्कर्ष
भारत में नारियल केवल एक फसल नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र है। सरकार द्वारा नारियल की नई खेती, पुराने बागानों के पुनर्विकास, गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने और निर्यात को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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