• August 15, 2026 7:21 am

    आज मैं आपको ऐसी जानकारी बताने वाला हूं, जिसके बारे में आपको बहुत कुछ पता होगा, लेकिन कुछ ऐसे प्रश्न भी होंगे जिनके जवाब शायद आपको नहीं मिले होंगे। तो आइए, आज उन्हीं सवालों के जवाब जानते हैं।

    भारत का तिरंगा कब अपनाया गया?

    साथियों, हमारे तिरंगे को कब अपनाया गया? अगर आपका जवाब है 15 अगस्त 1947, तो यह पूरी तरह सही नहीं है।

    भारत के वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज को 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने अपनाया था, यानी स्वतंत्रता दिवस से पहले ही भारत के वर्तमान तिरंगे को स्वीकार कर लिया गया था। तिरंगे की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 है और इसके बीच में नीले रंग का अशोक चक्र है, जिसमें 24 तीलियां हैं।

    आखिर 15 अगस्त को ही स्वतंत्रता दिवस क्यों चुना गया?

    अब सवाल आता है कि भारत को स्वतंत्रता देने के लिए 15 अगस्त 1947 की तारीख ही क्यों चुनी गई?

    भारत को स्वतंत्र करने की मूल समय-सीमा जून 1948 तक थी। लेकिन भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया और स्वतंत्रता की तारीख 15 अगस्त 1947 तय की।

    15 अगस्त की तारीख से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह भी बताई जाती है कि 15 अगस्त 1945 को जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आत्मसमर्पण की घोषणा की थी। माउंटबेटन के लिए यह तारीख विशेष महत्व रखती थी। इसी कारण 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के लिए चुना गया।

    इसके बाद Indian Independence Act, 1947 के तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बने।

    क्या नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल किले से तिरंगा फहराया था?

    यह भी एक रोचक सवाल है।

    बहुत से लोग मानते हैं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल किले से पहली बार तिरंगा फहराया था, लेकिन ऐसा नहीं था।

    पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 16 अगस्त 1947 को लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।

    इसके बाद हर वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

    15 अगस्त को प्रधानमंत्री और 26 जनवरी को राष्ट्रपति

    15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, जबकि 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।

    दोनों अवसरों का अपना अलग संवैधानिक और ऐतिहासिक महत्व है।

    क्या रात में तिरंगा फहराया जा सकता है?

    अब बात करते हैं तिरंगा फहराने के नियमों की।

    पहले सामान्य नियम यह था कि राष्ट्रीय ध्वज को सूर्योदय के बाद फहराया जाए और सूर्यास्त से पहले उतार लिया जाए। लेकिन Flag Code of India में 2022 में संशोधन के बाद अब राष्ट्रीय ध्वज को दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है, बशर्ते तिरंगे की गरिमा और सम्मान बनाए रखा जाए।

    क्या तिरंगे को कपड़ों की तरह पहन सकते हैं?

    राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल इस तरह नहीं किया जाना चाहिए जिससे उसकी गरिमा और सम्मान प्रभावित हो। तिरंगे को कपड़े, पोशाक या ऐसी वस्तु के रूप में इस्तेमाल करना जिससे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो, कानून के तहत दंडनीय हो सकता है।

    राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित मामलों में Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के प्रावधान लागू होते हैं।

    क्या अपनी कार या बाइक पर तिरंगा लगा सकते हैं?

    यहां भी एक महत्वपूर्ण नियम है।

    आम नागरिक अपनी मोटर कार पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगा सकते। मोटर कारों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने का अधिकार निर्धारित पदाधिकारियों के लिए नियमों के अनुसार है।

    इसलिए अपनी कार या बाइक पर तिरंगा लगाने से पहले Flag Code के नियमों को जरूर समझना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

    तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, देश की पहचान है

    हमारा तिरंगा केवल तीन रंगों का कपड़ा नहीं है। यह भारत की स्वतंत्रता, एकता, गौरव और संप्रभुता का प्रतीक है।

    इसलिए तिरंगा फहराते समय हमें उसके नियमों का पालन करने के साथ-साथ उसकी गरिमा और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।

    तो अगली बार जब आप तिरंगा देखें, तो सिर्फ उसे सलाम न करें, बल्कि उससे जुड़ी इन महत्वपूर्ण जानकारियों को भी याद रखें।

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