एआई का मतलब आज का युग है।जब हम बात करते हैं टेक्नोलॉजी की, जब हम बात करते हैं किसी विषय को सीखने की, तो हमें एक बात समझ में आती है कि टेक्नोलॉजी और समय के साथ चलना बहुत जरूरी है। मुझे याद है कि एक समय में कीपैड फोन होते थे। आज कीपैड फोन बहुत ही कम लोगों के हाथ में दिखाई देते हैं। टच फोन हर किसी के हाथ में है, क्योंकि हर कोई टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ है और उसे जान रहा है।

इसी के साथ दिल्ली में एआई समिट हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के लोग वहां आए हुए हैं। कई कंपनियों के सीईओ वहां अपने विचार रख रहे हैं। जब कोई कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा हो और वहां लोग अपने विचार साझा कर रहे हों, तो यह एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है। पहले हम गूगल में कुछ सर्च करते थे, आज हम एआई के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

कृषि के क्षेत्र में भारत विस्तार के साथ नई सोच की पहल कर चुका है। वहीं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए-नए प्लेटफॉर्म आ रहे हैं और नई-नई जानकारियां प्रतिदिन हमारे सामने आ रही हैं। यानी एक नया युग शुरू हो चुका है

मात्र डेटा को इकट्ठा करके उसे सुलझाना एआई का काम नहीं है। एआई का असली काम आपकी समस्या का समाधान करना है। जिस प्रकार एक विश्वविद्यालय ने चीन के एक प्रोडक्ट को अपना बताने की कोशिश की, वह हमें सोचने पर मजबूर करता है कि भारत में ऐसी कितनी और संस्थाएं हैं जो बच्चों से फीस तो लेती हैं, लेकिन उन्हें सही ज्ञान नहीं देतीं। इस विषय पर हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कई ऐसे लोग भी थे जो एआई समिट को खराब करने की कोशिश कर रहे थे। इस विषय पर भी विचार करने की आवश्यकता है। दिल्ली में एआई समारोह 16 फरवरी से लेकर 21 फरवरी तक चलेगा।
निष्कर्ष
एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि एक सोच है। यह समय के साथ आगे बढ़ने, समस्याओं का समाधान खोजने और नए अवसरों को अपनाने का माध्यम है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम तकनीक का सही उपयोग करें, सही ज्ञान प्राप्त करें और समाज को आगे बढ़ाने में योगदान दें। तभी हम वास्तव में इस नए युग का हिस्सा बन पाएंगे।
फसल रोग के लिए एआई आधारित उपकरण (AI BASE DEVICE FOR CROP DISEASE )

