FPO का पूरा नाम है Farmer Producer Organization, यानी किसानों का अपना संगठन। यह किसानों द्वारा बनाया गया ऐसा समूह होता है, जिसमें किसान मिलकर खेती से जुड़े काम एक साथ करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना, खर्च कम करना और उन्हें बिचौलियों से बचाना है।

जब किसान अकेले काम करता है, तो उसे बीज, खाद, दवा महँगी मिलती है और फसल बेचते समय सही दाम नहीं मिल पाता। लेकिन जब वही किसान FPO के रूप में एकजुट हो जाता है, तो वह ताकतवर बन जाता है। FPO के ज़रिए किसान थोक में बीज–खाद खरीदते हैं, जिससे लागत कम होती है और फसल सीधे बाज़ार या कंपनी को बेचते हैं, जिससे उन्हें सही कीमत मिलती है।
FPO सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होता है और इसे कंपनी एक्ट या सहकारी कानून के तहत पंजीकृत किया जाता है। सरकार FPO को ट्रेनिंग, सब्सिडी, लोन और मार्केट से जोड़ने में मदद करती है। आज देश में हज़ारों FPO काम कर रहे हैं, जो किसानों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
FPO के ज़रिए किसान केवल खेती ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग भी कर सकते हैं। इससे किसान सिर्फ उत्पादक नहीं, बल्कि व्यापारी भी बनता है। FPO किसानों के लिए वही है, जो अमूल डेयरी दूध उत्पादकों के लिए है।
FPO के मुख्य फायदे
- किसानों को फसल का सही दाम
- खेती की लागत में कमी
- सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
- बाज़ार और कंपनियों से सीधा जुड़ाव
- किसानों की आमदनी में वृद्धि
निष्कर्ष
FPO किसानों के लिए एक नया रास्ता है, जो उन्हें अकेले से संगठित बनाता है। आज के समय में अगर किसान आगे बढ़ना चाहता है, तो FPO से जुड़ना या FPO बनाना एक बहुत अच्छा विकल्प है।
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