जब बात करते हैं कि भारत में राज्यों का गठन कैसे हुआ भारत में राज्य का एकीकरण कैसे हुआ तो हमें कई अयोगी के बारे में पता चलता है इनमें से इनमें से सबसे पहले एस.के. धार आयोग (1948) की भाषा के आधार पर क्या राज्यों को बनाया जा सकता है तो इसने कहा की भाषा के आधार पर राज्यों को नहीं बन सकती क्योंकि हम भाषा के आधार पर राज्यों को बनाए तो राज्यों में लड़ाई हो जाएगी इसके बाद 1949 में एक कमेटी और बनती है जिसे जवाहरलाल नेहरू वल्लभभाई पटेलऔर पट्टाभि सीतारमैया की एक समिति बनी थी इस समिति ने भी कहा की भाषा के आधार पर हम राज्यों को नहीं बना सकते लेकिन इसके बाद 52 दिन का पोट्टी श्रीरामुलु भूख हड़ताल करी अब 52 दिन में उनकी मृत्यु हो गई उसके बाद आंध्र प्रदेश राज्य भाषा के आधार पर राज्य बना कि आयोग 1953 में बना और 1956 में जब उसकी रिपोर्ट आई तूने कहा की भाषा के आधार पर राज्य को बनाए लेकिन एक ही भाषा ही वहां की भाषा ना हो हर भाषा के लोग उस राज्य में रहते हो।

आंध्र प्रदेश भाषा के आधार पर पहला राज्य बन गया तो उसके बाद शाह कमेटी 1966 वाली इस कमेटी के जरिए हरियाणा चंडीगढ़ और पंजाब राज्य बने। यहां चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश बना।
1961 में गोवा भारत के साथ जुड़ा पुर्तगालियों से आजाद हुआ और उसके बाद 1954 में पांडिचेरी हमारे साथ जुड़ा 1975 में सिक्किम को हमने अपने साथ जोड़ा। हिमाचल प्रदेश1971 में बना
1914 में बिहार , असम, और उड़ीसा एक प्रांत के रूप में पहले ही बन गए थे अंग्रेज़ों समय की बात है। फिर 1960 में गुजरात और महाराष्ट्र अलग-अलग हो गई उसके बाद 1987 में दमन दमन हवेली एक केंद्र शासित प्रदेश बन गए।
उसके बाद 1950 में उत्तर प्रदेश राज्य बन गया उसके बाद 2000 में झारखंड उत्तराखंड के राज्य बन गए।
निष्कर्ष
उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा बताइए की जानकारी आपको कोई सवाल है तो आप कमेंट करके हमें बता सकते हैं।
उत्तराखंड का इतिहास क्या है|(What is the history of Uttarakhand)
कच्छ द्वीप विवाद क्या है ।(What is Kutch Island dispute)


This is such an important reminder and one that I needed to hear today Thank you for always providing timely and relevant content