• March 19, 2026 6:43 am

    नमस्कार, एक समय था जब भारत में दूध का उत्पादन बहुत अच्छा नहीं था। लेकिन 1970 के दशक में डॉ. वर्गीज़ कुरियन ने देश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने नई-नई नस्लों के विकास और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से दुग्ध क्रांति की शुरुआत की। उनके प्रयासों से भारत में दूध उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि हुई। उनके सम्मान में 26 नवंबर को दूध दिवस के रूप में मनाया जाता है। गुजरात के आनंद से शुरू हुई यह पहल पूरे देश में फैल गई और आज भारत विश्व में दूध उत्पादन के मामले में पहले स्थान पर पहुंच चुका है।वर्तमान समय में ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष का असर कई क्षेत्रों पर देखने को मिल रहा है। दूध का उत्पादन तो हो रहा है

    लेकिन उसे बाजार तक पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। दूध को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 70 डिग्री पर गर्म किया जाता है ताकि जीवाणु नष्ट हो सकें, लेकिन गैस की कमी के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसके अलावा तेल की कमी के चलते परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जिससे दूध के पैकेट समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए संभावना है कि आने वाले समय में दूध के दाम बढ़ सकते हैं।

    निष्कर्ष

    उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको उपयोगी लगी होगी। धन्यवाद।

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