नमस्कार,आजकल ईरान और इज़रायल के बीच तनाव/युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल देखने को मिला है और साथ ही प्राकृतिक गैस (Natural Gas) भी महंगी हो गई है। हमने पहले ही बताया था कि इन चीजों का असर आगे कई क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।

अब हम आपको एक महत्वपूर्ण बात बताते हैं
इसका असर खाद (Fertilizer) पर भी पड़ेगा। अभी खरीफ का मौसम शुरू होने वाला है, और यदि इस समय फर्टिलाइज़र की कमी हो जाए, तो यह किसानों के लिए एक चिंताजनक स्थिति बन सकती है। भारत फसल उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर चावल और दाल के उत्पादन में। कृषि क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 16–18% योगदान देता है।
अब समझते हैं कि फर्टिलाइज़र पर असर क्यों पड़ेगा
नाइट्रोजन (Nitrogen), पोटैशियम (Potassium) और फास्फोरस (Phosphorus) पौधों की वृद्धि के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व हैं।
उदाहरण के लिए, अमोनियम सल्फेट (Ammonium Sulphate) नाम का खाद बनाने के लिए अमोनिया (Ammonia) की जरूरत होती है। और अमोनिया बनाने के लिए प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का उपयोग किया जाता है।
यहाँ महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत अपनी जरूरत की काफी प्राकृतिक गैस बाहर देशों से आयात करता है, जिसमें कतर एक प्रमुख सप्लायर है।
अगर युद्ध या वैश्विक तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होती है या कीमतें बढ़ती हैं, तो अमोनिया महंगा होगा और उससे बनने वाले खाद भी महंगे या कम उपलब्ध हो सकते हैं।
इसलिए निष्कर्ष यह है कि:
युद्ध → तेल और गैस महंगे → अमोनिया महंगा → फर्टिलाइज़र महंगे/कम → खेती पर असर
निष्कर्ष
उम्मीद है यह जानकारी आपको समझ में आई होगी। अगर आपका कोई सवाल है तो कमेंट करके जरूर पूछें।
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