• March 3, 2026 7:54 pm

    नमस्कार दोस्तों,उम्मीद है आप सभी अच्छे होंगे। आज हम बात करेंगे भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया कृषि व्यापार समझौते के बारे में।जैसा कि आप जानते हैं, हाल ही में दोनों देशों के बीच एक व्यापार समझौता हुआ है।

    सरकार इसे बड़ी उपलब्धि बता रही है, जबकि किसान और किसान संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। इस लेख में हम समझेंगे कि इस समझौते का किसानों पर अभी और भविष्य में क्या प्रभाव पड़ सकता है।भारत में कृषि का महत्व आज भारत की लगभग 46% आबादी कृषि पर निर्भर है।

    देश की GDP का लगभग 15% हिस्सा कृषि से आता है।ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 65% आबादी खेती पर निर्भर है।इसलिए किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना बहुत जरूरी है।भारत–अमेरिका समझौते की पृष्ठभूमिपिछले लगभग एक साल से दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर तनाव चल रहा था।

    7 तारीख को दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ।सरकार का कहना था कि वह अपनी शर्तों पर कोई समझौता नहीं करेगी, लेकिन इस डील को देखने पर ऐसा लगता है कि भारत ने कई मामलों में अमेरिका के सामने नरमी दिखाई है।

    टैरिफ (कर) में बदलावपहले अमेरिका ने भारतीय कृषि उत्पादों पर लगभग 55% टैरिफ लगाया हुआ था।अब इसे घटाकर 18% कर दिया गया है।

    सरकार इसे बड़ी जीत बता रही है।लेकिन दूसरी ओर:भारत ने अमेरिका से आने वाले कई उत्पादों पर टैक्स बहुत कम कर दिया है या शून्य कर दिया है।इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारत में सस्ते हो जाएंगे।भारतीय बाजार अमेरिकी किसानों के लिए खुल जाएगा।

    जबकि भारत से अमेरिका जाने वाले उत्पादों पर अब भी 18% टैक्स लगेगा।भारतीय किसानों की समस्याएंभारत के किसानों को पहले से ही कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है:फसलें MSP से कम दाम पर बिकती हैं।खाद और बीज महंगे होते जा रहे हैं।

    जलवायु परिवर्तन से खेती प्रभावित हो रही है।उत्पादन लागत बढ़ रही है।मुनाफा कम होता जा रहा है।अमेरिका और भारत में सब्सिडी का अंतरअमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है।वहीं भारत में किसानों को सालाना लगभग ₹6000 की सहायता मिलती है, जो बहुत कम है।

    इस वजह से अमेरिकी किसान कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर पाते हैं, जबकि भारतीय किसान पीछे रह जाते हैं।

    जीएम फसलों का मुद्दा

    भारत में अभी जीएम फसलों की अनुमति सीमित है।जबकि अमेरिका में बड़े पैमाने पर जीएम फसलें उगाई जाती हैं।अगर अमेरिका से जीएम उत्पाद भारत में आएंगे, तो इससे:भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता हैदेशी बीज और खेती प्रभावित हो सकती हैस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े खतरे बढ़ सकते हैं

    क्या यह समझौता किसानों के लिए फायदेमंद है?

    इस समझौते से:

    कुछ निर्यातकों को फायदा हो सकता है

    • लेकिन छोटे और मध्यम किसानों को नुकसान की आशंका है
    • विदेशी सस्ते उत्पादों से घरेलू बाजार कमजोर हो सकता है
    • किसानों की आय पर दबाव बढ़ सकता है

    निष्कर्ष

    हमारे द्वारा बताई गई जानकारी आपको समझ में आ गई होगी यदि कोई सवाल है तो कमेंट करके पूछे अधिक जानकारी करे।

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