नमस्कार जब हम बात करते हैं भारत की, जब हम बात करते हैं राष्ट्र की, जब हम बात करते हैं राष्ट्रीय उन्नति की, तो हमें यह समझ में आता है कि इस राष्ट्र को विश्व में एक अलग पहचान दिलाने में इस देश के महापुरुषों और राष्ट्रनायकों का अहम योगदान रहा है। जब हम एकता की बात करते हैं तो हमें यह समझ में आता है कि अलग-अलग मान्यताओं को मानने वाले और अलग-अलग संस्कृतियों का पालन करने वाले लोग जब राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करते हैं, तो निश्चित रूप से हम विकास के मार्ग की ओर अग्रसर होते हैं। भारत के बारे में वेदों में वर्णन मिलता है और यहाँ की संस्कृति का विश्व स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाता है। स्कूलों में हमें 1857 की क्रांति के बारे में पढ़ाया जाता है, जिसमें रानी लक्ष्मीबाई और मंगल पांडे जैसे वीरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब हम ज्ञान की बात करते हैं तो हमें पता चलता है कि तीसरी सदी से लेकर छठी सदी तक तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय देश में ज्ञान का समुद्र थे।
जिस प्रकार समुद्र का पानी कभी समाप्त नहीं होता, उसी प्रकार वहाँ ज्ञान की धारा निरंतर प्रवाहित होती थी। शक संवत और विक्रम संवत से भी हमें यह ज्ञात होता है कि उस समय ज्ञान और समय गणना का कितना महत्व था।

लेकिन आज की शिक्षा पद्धति जिस स्थिति में आ गई है, उस पर विचार करना चाहिए। यदि कोई शिक्षक सरकारी शिक्षक बनता है तो उसका उद्देश्य केवल वेतन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
अब मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण घटनाएँ और अधिनियम बताना चाहता हूँ जिनकी अपनी विशेष भूमिका रही है। 1857 की क्रांति हमने पढ़ी ही है। 1934 में भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम पारित हुआ और 1935 में भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना हुई। 1972 में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम बना। 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत हुई। 1973 में ही चिपको आंदोलन की शुरुआत हुई। 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश एक नए राष्ट्र के रूप में बना। 1975 में सिक्किम भारत में शामिल हुआ। 1954 में पांडिचेरी (अब पुडुचेरी) भारत में शामिल हुआ। 1961 में गोवा, दमन और दीव पुर्तगालियों से मुक्त होकर भारत में सम्मिलित हुए। 1960 में महाराष्ट्र और गुजरात अलग-अलग राज्य बने; इससे पहले दोनों बॉम्बे राज्य का हिस्सा थे। 1953 में आंध्र प्रदेश भाषा के आधार पर बनने वाला पहला राज्य बना। 1966 में हरियाणा पंजाब से अलग हुआ और चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। 1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
उत्तर प्रदेश 1950 में भारतीय गणराज्य का एक राज्य बना। 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ और 1980 में भी दूसरे चरण का राष्ट्रीयकरण किया गया। 1982 में नाबार्ड की स्थापना हुई। 1944 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की स्थापना हुई। 1920 में राष्ट्र संघ बना, जिसे 1945 में समाप्त कर संयुक्त राष्ट्र संगठन की स्थापना की गई। 1945 में नाटो का गठन हुआ। 1992 में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में संशोधन किया गया। 1912 में कीटनाशक संबंधी विधेयक लाया गया। 1986 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम पारित हुआ। 1974 में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम लागू किया गया। 1938 में सैमसंग कंपनी की शुरुआत हुई।
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निष्कर्ष
आशा करते हैं कि हमारे द्वारा बताई गई जानकारी आपको समझ में आ गई होगी। यदि कोई प्रश्न हो तो अवश्य पूछें।

