• February 13, 2026 4:34 am

    कृषि का सच: GDP, GVA और किसान की आमदनी

    भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। आज हम यह समझेंगे कि कृषि का देश की अर्थव्यवस्था में कितना योगदान है और इसका किसानों की आय पर क्या प्रभाव पड़ता है। किसी भी क्षेत्र का योगदान मुख्य रूप से GDP और GVA के माध्यम से मापा जाता है। GVA (ग्रॉस वैल्यू ऐडेड) का अर्थ है किसी क्षेत्र द्वारा उत्पादन के बाद लागत घटाकर जो वास्तविक मूल्य जोड़ा जाता है। अर्थात कुल उत्पादन में से बीज, खाद, डीज़ल, बिजली, मजदूरी जैसी लागत घटाने के बाद जो राशि बचती है, वही GVA कहलाती है। पहले सभी क्षेत्रों का GVA निकाला जाता है और फिर इन्हें जोड़कर GDP बनाया जाता है। कृषि क्षेत्र में केवल फसल उत्पादन ही नहीं आता, बल्कि इसमें पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी भी शामिल होती है।

    इन सभी का संयुक्त योगदान ही कृषि का वास्तविक योगदान माना जाता है। वर्तमान समय में भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान लगभग 10.4% है। वर्ष 2020–21 में यह घटकर लगभग 8.5% रह गया था, लेकिन 2023 से 2025 के बीच इसमें फिर से सुधार देखने को मिला है। हालाँकि, इन आँकड़ों में किसानों की वास्तविक या शुद्ध आय पूरी तरह शामिल नहीं होती, इसलिए इससे यह जानना मुश्किल हो जाता है कि किसानों की आमदनी वास्तव में कितनी बढ़ी है। आज महँगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह जरूरी है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और न्यूनतम समर्थन मूल्य महँगाई के अनुसार बढ़ाया जाए। लेकिन कई बार किसानों को अपनी फसल MSP से भी कम दाम पर बेचनी पड़ती है, जिससे उनकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में विविधीकरण बढ़ रहा है और किसान अब केवल गेहूं और चावल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सब्ज़ी, फल, डेयरी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहे हैं।

    साथ ही, जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है ताकि मौसम का फसलों पर कम प्रभाव पड़े। भारत सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना, फसल बीमा योजना और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना जैसी कई योजनाएँ चला रही है, लेकिन अभी भी यह एक बड़ा सवाल है कि इन योजनाओं का लाभ छोटे और सीमांत किसानों तक पूरी तरह पहुँच रहा है या नहीं। भारत में सबसे अधिक चावल और गेहूं का उत्पादन होता है, लेकिन सरकार चाहती है कि किसान अन्य फसलों की ओर भी ध्यान दें ताकि उत्पादन में विविधता आए और किसानों की आमदनी बढ़े। निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि कृषि क्षेत्र का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन किसानों की वास्तविक आय बढ़ाने, उचित मूल्य दिलाने, सरकारी योजनाओं का सही लाभ पहुँचाने और जलवायु परिवर्तन से सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी और काम करने की आवश्यकता है।

    निष्कर्ष

    उम्मीद है कि यह जानकारी आपको अच्छी तरह समझ में आ गई होगी।

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