राजस्थान में हुई एक सरकारी भर्ती परीक्षा में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला कि परीक्षा का पेपर लीक हुआ और OMR शीट में जानबूझकर बदलाव किया गया, जिससे कुछ उम्मीदवारों के नंबर गलत तरीके से बढ़ा दिए गए।
यह काम परीक्षा से जुड़ी एक निजी कंपनी के कुछ लोगों ने मिलकर किया, जिन्हें OMR शीट जांचने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित फायदा पहुंचाया गया और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ अन्याय हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ उम्मीदवारों के बहुत कम नंबर थे, लेकिन बाद में उनकी OMR शीट में बदलाव कर उनके अंक काफी ज्यादा दिखा दिए गए। कहीं 6 नंबर बढ़ाकर 259 कर दिए गए, कहीं 2 नंबर बढ़ाकर 225, तो कहीं 30 नंबर बढ़ाकर 185 कर दिए गए। एक मामले में तो उम्मीदवार के असली नंबर 63 थे, लेकिन कंपनी की मदद से उसे 182 नंबर तक पहुंचा दिया गया। यह सब काम कंप्यूटर डेटा में हेरफेर करके किया गया।
यह भर्ती परीक्षा वर्ष 2018 में हुई थी, जिसमें कुल 3,212 पदों के लिए करीब 9.4 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा के बाद जब दोबारा जांच की गई, तो कंप्यूटर में सुरक्षित असली नंबर और बदले हुए नंबरों में साफ अंतर दिखाई दिया। इसके बाद मामला जांच एजेंसी तक पहुंचा और पूरे घोटाले की परतें खुलने लगीं।
फिलहाल इस मामले की जांच SOG द्वारा की जा रही है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई है। इस घोटाले के कारण न सिर्फ सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि उन हजारों मेहनती छात्रों का भी नुकसान हुआ है जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी। जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
निष्कर्ष
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क्या यूनिवर्सिटी में अब हर छात्र सुरक्षित है?

